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॥ प्रेत बाधा से बचाव ॥
1. प्रेत शक्तियों से बचाव के लिए शरीर को पाक पवित्र रखें। इसके अतिरिक्त साधक आकर्षक व सुगंधित वस्तुओं के प्रयोग करते समय विशेष सावधानी का ...
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मन्त्र का स्वरुप - ॐ कटुके कटुकपत्रे सुभगे आसुरिरक्ते रक्तवाससे अथर्वणस्य दुहिते अघौरे अघोरकर्मकारिके अमुकस्य गतिं दह दह उपविष्टस्य गुदं द...
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आदि शंकराचार्य रचित भवानी अष्टकम – हिंदी अर्थ सहित न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता। न जाया न विद्य...
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तंत्रशास्त्र में अष्ट-भैरव का उल्लेख किया गया है। असितांग , रुरु , चंड , क्रोध , उन्मत्त , कपाली , भीषण और संहार-भैरव। यह आठ भैरव आठ दिशाओ...
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1. प्रेत शक्तियों से बचाव के लिए शरीर को पाक पवित्र रखें। इसके अतिरिक्त साधक आकर्षक व सुगंधित वस्तुओं के प्रयोग करते समय विशेष सावधानी का ...
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यह स्तोत्र प्रबल शत्रु संहार कारक है। यह स्तोत्र बहुत ही उग्र है अतः भैरव पूजन, भोग, दीपदान, बलिदान प्रयोग करके नित्य शांति पाठ अवश्य करें।...
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